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पद्म विभूषण-भारत का दूसरा उच्च नागरिक सम्मान

पद्म विभूषण भारत का दूसरा उच्च नागरिक सम्मान है | इस सम्मान की स्थापना भारत के राष्ट्रपति द्वारा 2 जनवरी 1954 में की गयी थी |
यह सम्मान किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट, असाधारण और उल्लखनीय सेवा के लिए प्रदान किया जाता है | यह सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है | इस सम्मान में एक पदक और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है | 2017 तक, यह सम्मान 300 व्यक्तियों को दिया गया है | इस सम्मान की घोषणा गणतंत्र दिवस के दिन की जाती है | इस पुरस्कार के पहले प्राप्तकर्ताओं में सत्येंद्र नाथ बोस, नंदलाल बोस, जाकिर हुसैन, बालासाहेब गंगाधर खेर, जिग्म दोर्फी वांगचुक, और वीके कृष्ण मेनन थे, जिन्हें 1954 में सम्मानित किया गया था | 1954 के नियमों के अनुसार इस सम्मान को मरणोपरांत देने की अनुमति नहीं थी, लेकिन बाद में जनवरी 1955 में इस क़ानून में संशोधन किया गया | आदित्यनाथ झा, गुलाम मोहम्मद सादिक, और विक्रम साराभाई 1972 में मरणोपरांत सम्मानित होने वाले इस सम्मान के पहले प्राप्तकर्ता बने।

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